हमारी सरकार ने कभी भी धर्म के आधार पर भेदभाव नही किया

'NRC-मुस्लिम डिटेंशन सेंटर'; PM मोदी बोले-ये झूठ है...झूठ है पढ़ें, मेगा रैली की 


नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को विरोधियों पर लोगों के बीच डर फैलाने और नागरिकता संशोधन कानून पर मुस्लिमों को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सरकार की योजनाओं में कभी भी धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं किया गया। रामलीला मैदान में मेगा रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि नागरिकता कानून और प्रस्तावित एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक पंजी) का भारतीय मुस्लिमों से कुछ लेना देना नहीं है। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक झूठ फैलाया जा रहा है कि यह सरकार लोगों के अधिकार को छीनने के लिए एक कानून लेकर आई है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने कहा कि लोगों में अफवाह फैलाई जा रही है कि देश के मुसलमानों को मुस्लिम डिटेंशन कैंप में भेजा दिए जाएगा। इस पर पीएम मोदी ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है और ये सभी झूठ है..झूठ है..झूठ है।

🌠पीएम मोदी की मेगा रैली की बड़ी बातें


वोट बैंक की राजनीति करने वाले और खुद को भारत का भाग्य विधाता मानने वाले और देश की जनता द्वारा नकार दिए गए दलों ने गलत इरादे से नापाक खेल है और ऐसे लोगों को पहचानने की जरूरत है।
ये कानून (नागरिकता) उन लोगों पर लागू होगा जो बरसों से भारत में ही रह रहे हैं। किसी नए शरणार्थी को इस कानून का फायदा नहीं मिलेगा।
पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से धार्मिक प्रताड़ना की वजह से आए लोगों को सुरक्षा देने के लिए यह कानून हैं। ये संसद में बोला गया है। इस कानून का इस देश के अंदर रह रहे 130 करोड़ लोगों से कोई वास्ता नहीं है।
महात्मा गांधी ने कहा था कि पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू और सिख साथियों को जब लगे कि उन्हें भारत आना चाहिए तो उनका स्वागत है। ये रियायत तब की भारत की सरकार के वादे के मुताबिक है।
कांग्रेस एवं कुछ अन्य दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस और उसके साथी, शहरों में रहने वाले कुछ पढ़े लिखे नक्सली -अर्बन नक्सल, ये अफवाह फैला रहे हैं कि सारे मुसलमानों को डिटेंशन सेंटर में भेज दिया जाएगा। कुछ तो अपनी शिक्षा की कद्र करिए। एक बार पढ़ तो लीजिए नागरिकता संशोधन एक्ट है क्या?'' 
अब भी जो भ्रम में हैं, मैं उन्हें कहूंगा कि कांग्रेस और अर्बन नक्सलियों द्वारा उड़ाई गई डिटेन्शन सेंटर की अफवाह सरासर झूठ हैं। जो हिंदुस्तान की मिट्टी के मुसलमान हैं, उनसे नागरिकता कानून और एनआरसी दोनों का ही कोई लेना-देना नहीं है।'
एनआरसी हमने तो बनाया नहीं, कैबिनेट में आया नहीं, संसद में आया नहीं। झूठ का हौवा खड़ा किया जा रहा है। अब भी जो भ्रम में हैं, उनसे कहना चाहता हूं कि कांग्रेस और अर्बन नक्सली द्वारा फैलायी गई बातें अफवाह हैं, झूठ है, झूठ है और केवल झूठ है। यह नापाक खेल है, गलत इरादे से फैलाई गई बातें हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी, माकपा नेता प्रकाश करात सहित कुछ अन्य दलों के नेताओं द्वारा पूर्व में दिए गए बयानों का हवाला देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इन्होंने पहले इसके पक्ष में बातें कही थीं।
कांग्रेस सहित कुछ विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि वोट बैंक की राजनीति करने वाले और खुद को भारत का भाग्य विधाता मानने वाले, आज जब देश की जनता द्वारा नकार दिए गए हैं, तो इन्होंने अपना पुराना हथियार निकाल लिया है- बांटों, भेद करो और राजनीति का उल्लू सीधा करो।
100 वर्ष पुराने राजनीतिक दलों से जुड़े नेता शांति के लिए एक आवाज उठाने को तैयार नहीं हैं और मौन रहकर पुलिसकर्मियों एवं अन्य लोगों पर हिंसा को बढ़ावा दे रहे हैं।


आज जो लोग कागज-कागज, सर्टिफिकेट-सर्टिफिकेट के नाम पर मुस्लिमों को भ्रमित कर रहे हैं, उन्हें ये याद रखना चाहिए कि हमने गरीबों की भलाई के लिए, योजनाओं के लाभार्थी चुनते समय कभी कागजों की बंदिशें नहीं लगाईं।
पाकिस्तान से जो शरणार्थी आए हैं उसमें से अधिकतर दलित परिवार से हैं। वहां आज भी दलितों के साथ दुर्व्यवहार होता है। वहां बेटियों के साथ अत्याचार होता है, जबरन शादी करके उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया जाता है।
झूठ बेचने वाले, अफवाह फैलाने वाले इन लोगों को पहचानने की ज़रूरत है।


 


   ये दो तरह के लोग हैं। एक वो लोग जिनकी राजनीति दशकों तक वोटबैंक पर ही टिकी रही है। दूसरे वो लोग जिनको इस राजनीति का लाभ मिला है।
विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए मोदी ने कहा कि ये लोग उपदेश दे रहे हैं, लेकिन शांति के लिए एक शब्द बोलने के लिए तैयार नहीं हैं, हिंसा रोकने के लिए एक शब्द बोलने के लिए तैयार नहीं है। इसका मतलब है कि हिंसा को, पुलिस पर हो रहे हमलों को आपकी मौन सहमति है। ये देश देख रहा है।
मैं कांग्रेस और उसके साथियों से जानना चाहता हूं कि आप क्यों देश की जनता से झूठ बोल रहे हो, क्यों उन्हें भड़का रहे हो।
स्कूल बसों पर हमले हुए, ट्रेनों पर हमले हुए, मोटर साइकिलों, गाड़ियों, साइकिलों, छोटी-छोटी दुकानों को जलाया गया है, भारत के ईमानदार कर दाताओं के पैसे से बनी सरकारी संपत्ति को खाक कर दिया गया है।
कॉलोनियों को वैध करने का काम किया, तो किसी से पूछा क्या कि आपका धर्म है, आपकी आस्था क्या है, आप किस पार्टी के समर्थक हैं।
दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा स्कीम आज भारत में चल रही है। इस योजना ने देश के 50 करोड़ से ज्यादा गरीबों को, 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिली है।
राजनीतिक स्वार्थ के कारण, यहां की सरकार ने आयुष्मान भारत योजना दिल्ली में लागू नहीं की।
उन्होंने सवाल किया कि इस योजना में तो किसी से नहीं पूछा जा रहा कि पहले आप अपना धर्म बताइए, फिर आपका इलाज शुरू किया जाएगा। फिर ऐसे झूठे आरोप क्यों?, इस तरह के आरोपों के बहाने, भारत को दुनिया भर में बदनाम करने की साजिश क्यों?