वीडियो हुआ वायरल तो रंगदारी वसूली की धाराएं भी लगी, पंकज चौबे के साथ भांजे पर भी कसा शिकंजा

   वाराणसी:* प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास समेत शासन की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को तैयार कर रहे एसएसबी ग्रुप के चेयरमैन राम गोपाल सिंह के घर पर बदमाशों के हमले का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस एक्शन मोड में आ चुकी है।


     इस मामले में पहले पुलिस ने बलवा, जबरन घर में घुसना, तोड़फोड़ और मारपीट की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया था लेकिन इसमें रंगदारी वसूली की धाराएं जोड़ दी गयी है। इंस्पेक्टर सारनाथ विजय बहादुर सिंह ने स्वीकार किया कि आईपीसी की धारा 386 की बढ़ोत्तरी की गयी है और आरोपितों की धर-पकड़ के लिए छापेमारी की जा रही है।


*जेल से पंकज चौबे ने रची थी साजिश*


गौरतलब है कि एसएसबी ग्रुप से जुड़े एक अन्य निदेशक बलवंत सिंह की 20 अक्टूबर की रात रामगोपाल सिंह के घर के बाहर हत्या कर दी गयी थी। इस मामले में पंकज चौबे को आरोपित बनाया गया था जिसे कुछ घंटों के भीतर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। थाने में दर्ज करायी रिपोर्ट के मुताबिक पंकज ने इलाकाई हिस्ट्रीशीटर को बुला कर घटनाक्रम का तानाबाना बुना और अपने गुर्गों के जरिये अंजाम दिलाया। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि गेट तोड़कर घुसने वाले हमलावर धन की मांग कर रहे थे। पंकज चौबे के साथ उसके रिश्तेदार सुमित को इस मामले में नामजद किया गया था। इसके अलावा हिस्ट्रीशीटर बच्चा यादव, प्रिंस यादव के अलावा कई अज्ञात दर्शाये गये हैंं।


*फुटेज से स्पष्ट हुआ पूरा प्रकरण*


लगभग 15 मिनट तक चले घटनाक्रम के दौरान पुलिस कंट्रोल रूम से लेकर आला अधिकारियों को फोन कर प्राण रक्षा की गुहार लगायी गयी थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने सीसी फुटेज चेक किये तो इसकी पुष्टि हुई। विवेचना में आये नये तथ्यों के आधार पर धाराओं में बढ़ोत्तरी की गयी है।