क्रिकेट के चमक धमक के आगे हमारी सफलता पड़ी फिकी : हिमा दास

 


पिछले एक महीने में अलग-अलग टूर्नामेंटों में लगातार पांच स्वर्ण पदक जीतकर और विश्व यूनिवर्सिटी गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का मान बढ़ाने वाली स्टार धाविका हिमा दास और दुती चंद अपने सफलता को कम तवज्जो मिलने के कारण दुखी हैं.
 
अपनी सफलता को कम तवज्जो मिलने के कारण दुखी हिमा दास का कहना है कि,” क्रिकेट भी एक खेल है और ये मीडिया की हीं देन है कि आज क्रिकेट को इतना सम्मान मिला है, लेकिन मीडिया की ये भी जिम्मेदारी है कि अन्य सभी खेलों को भी क्रिकेट इतना सम्मान मिले. लोगों को एथलेटिक्सके बारे में जितना ज्यादा बताया जायेगा लोग उतना हीं ज्यादा हमसे प्यार करेंगे. ” हिमा दास को क्रिकेटरों की मुकाबले अपनी ऐतिहासिक सफलताओं को कम तवज्जो मिलने का अफसोस है.
 


 
वहीं इस मामले में दुती का कहना है कि,” हम भी रोज सुबह 4 बजे उठकर 8-8 घंटे की प्रैक्टिस करतें है, 11 सेकेण्ड दौड़ने के लिए मैनें वर्षों मेहनत कि है, आप खुद हीं अंदाजा लगा सकतें हैं कि हमें कैसा लगता होगा, जब लोग हमारी उपलब्बधियों को नजरअंदाज कर देतें हैं.” दुती का ये भी कहना है कि क्रिकेट तो 8 से 10 देश ही खेलती है, वहीं एथलेटिक्स 200 से ज्यादा देश के खिलाड़ी भाग लेतें हैं। जिस कारण यह जीत बड़ी होनी चाहिए, लेकिन ज्यादा पैसे और टीआरपी के लिए देश की मीडिया सिर्फ क्रिकेट को तवज्जो देता है.