पीएनबी में हो सकता है इन बैंकों का विलय, बन जाएगा तीसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक

पीएनबी में हो सकता है इन बैंकों का विलय, बन जाएगा तीसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक


 


भारतीय स्टेट बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब सरकार ऐसा कदम तीन अन्य बैंकों पर उठाने जा रही है। इसके लिए वित्त मंत्रालय ने प्रस्ताव तैयार किया है। इसके मुताबिक पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) में दो छोटे बैंकों का विलय किया जाएगा। इस विलय के पश्चात पीएनबी देश का तीसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक बन जाएगा।
पीएनबी में होगा दो बैंकों का विलय
देश के तीसरे सबसे बड़े सरकारी बैंक पंजाब नेशनल बैंक में दो अन्य बैंकों का विलय किया जाएगा। जिन बैंकों का पीएनबी में विलय हो सकता है उसके लिए पांच बैंकों का नाम चल रहा है। ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, पंजाब एंड सिंध बैंक, आंध्रा बैंक, बैंक ऑफ इंडिया और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया शामिल हैं। इनमें से दो बैंक ही पीएनबी में विलय किए जाएंगे।
इन तीन बैंकों का हो सकता है विलय
फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र सरकार पंजाब नेशनल बैंक, ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और पंजाब एंड सिंध बैंक का विलय करने जा रही है। इस बारे में फैसला सरकार चुनावों के बाद ले सकती है।

जहां पीएनबी और पंजाब एंड सिंध बैंक का मुख्यालय दिल्ली में है, वहीं ओबीसी का गुरुग्राम में स्थित है। अगर सरकार इन बैंकों के विलय प्रस्ताव पर मुहर लगाती है तो फिर यह एसबीआई के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक बन जाएगा और बैंक ऑफ बड़ौदा को भी मात कर देगा।
तीसरी तिमाही तक पूरा होगा प्रोसेस
मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक पूरा प्रोसेस इस साल की तीसरी तिमाही तक पूरा होने की उम्मीद है। इससे पहले सरकार ने बैंक ऑफ बड़ौदा में देना और विजया बैंक का विलय किया था। 1 अप्रैल से नया बैंक अस्तित्व में आ गया था। इस विलय के लिए सरकार ने अक्तूबर में प्रस्ताव दिया था।
वित्त मंत्रालय
खत्म होंगे छोटे बैंक
सरकार का प्लान है कि देश में छोटे बैंकों का बड़े बैंकों में विलय कर दिया जाए। इससे बैंकों का एनपीए भी कम होने की उम्मीद है। इन तीन बैंकों के विलय होने के बाद नये बैंक की कुल जमा पूंजी 16.5 लाख करोड़ रुपये हो जाएगी। इसमें डिपॉजिट 9.6 लाख करोड़ रुपये और कर्ज 7 लाख करोड़ रुपये शामिल होगा।
देश में यह हैं पांच बड़े बैंक
देश में जो पांच बड़े बैंक हैं उनमें एसबीआई, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा शामिल हैं। एसबीआई में फिलहाल सहयोगी बैंकों और भारतीय महिला बैंक का विलय हो चुका है।
इस विलय के साथ बैंक ऑफ बड़ौदा, भारतीय स्टेट बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के बाद देश का तीसरा सबसे बड़ा बैंक बन गया है। विलय के बाद बैंक ऑफ बड़ौदा के पास कुल 9401 बैंक शाखाएं और कुल 13432 एटीएम हो गए हैं। एसबीआई के पास 59,291 एटीएम और 18 हजार से ज्यादा शाखाएं हैं। वहीं आईसीआईसीआई बैंक के पास 4,867 शाखाएं और 14,367 एटीएम हैं।
31 मार्च 2018 को खत्म हुए वित्त वर्ष 2017-18 तक पंजाब नेशनल बैंक पर 12,283 करोड़, ओबीसी पर 5872 करोड़ रुपये और आंध्रा बैंक पर 3413 करोड़ रुपये का एनपीए था।