टुकड़े-टुकड़े गैंग ने तैयार किया है कांग्रेस का घोषणा पत्र-अमित शाह

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव प्रचार अभियान में जुटी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एक बार फिर देश में सरकार बनाने की पुरजोर कोशिश में लगी है। पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह बीजेपी के इस सपने को पूरा करने में दिन रात एक किए हुए हैं। चुनाव के दौरान अपनी व्यस्त दिनचर्या के बीच अमित शाह ने एक टीवी चैनल को  दिए गए साक्षात्कार में रोजगार, राष्ट्रवाद और राफेल जैसे कई मुद्दों पर खुलकर बात की। आइए नजर डालते हैं साक्षात्कार के प्रमुख अंशों पर:


एंकर  आपको इलेक्शन का शाह कहा जाता है? आपने अर्थमेटिक और कैमिस्ट्री बदल डाली है इलेक्शन की? आपने 2014 में लड़ाई लड़ी थी जमीन से.. 2014 की मोदी वेव अभी बरकरार है या उसमें कुछ कमी है
अमित शाह: मैं स्पष्ट कर दूं कि इलेक्शन की कैमिस्ट्री मोदी जी की पॉपुलरिटी में बदली है। मैंने तो सिर्फ इसे इकट्ठा करने का काम किया है। मोदी जी ने जिस प्रकार काम किया है इलेक्शन में उसकी परछाई है। जहां तक मोदी वेव की बात है उसका परिणाम काउंटिग के दिन देखने को मिलेगा। जनता को मालूम पड़ेगा कि किसि प्रकार से वोट बैंक बदले हैं और किस प्रकार से एक लीडर की लोकप्रियता कितनी हो सकती है इसके सारे रिकॉर्ड टूटने वाले हैं।




  



एंकर: क्या कारण है कि अपोजिशन पार्टी के नेता एक चरण होने के बावजूद भी ये कह रही हैं कि ईवीएम पर भरोसा नहीं किया जा सकता है?
अमित शाह: ये तीन राज्यों में उनकी विजय हुई है वहां ईवीएम ठीक थे क्या? हम हारे हैं ईवीएम के होते हुए हारे हैं.. हमने तो ब्लेम नहीं किया है...जब जीतते हैं तो ईवीएम ठीक और हारते हैं तो खराब.. ये उनकी हताशा दर्शाता है।




 



एंकर: आपकी पार्टी ने राहुल गांधी दो सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं, इसका मुद्दा उठाया है, प्रधानमंत्री भी..
अमित शाह: हमने नहीं उठाया है, दो सीट पर लड़ सकता है कोई भी, दूसरी सीट इन्होंने कौन सी चुनी वो संदेह वाली बात है..अमेठी में राहुल इस इस बार निश्चित रूप से चुनाव हारने जा रहे हैं। अमेठी में कड़ा मुकाबला है इस बार इसलिए कांग्रेस के नेताओं ने यह निर्णय लिया होगा। 


 


 

एंकर: प्रियंका गांधी को इस चुनाव में कांग्रेस ने एक बार फिर एक्स फैक्टर बनाया है और खबरे ये भी आ रही हैं कि वो वाराणसी से चुनाव लड़ेंगी.. आपको क्या लगता है?
अमित शाह: ​ देश का हर नागरिक वहां से लड़ सकता है। हम सबको एक मानते हैं। हम परिवारवाद के खिलाफ। कुछ नहीं होगा नरेंद्र मोदी एक बार फिर से वाराणसी से प्रचंड बहुमत से जीत हासिल करेंगे। हारने के बाद प्रियंका को अपने भविष्य को तय करना है।


एक सवाल का जवाब देते हुए हुए उन्होंने कहा कि मोदी जी के शासन में देश सुरक्षित है और उन्हें वोट देना चाहिए। राहुल गांधी के चौकीदार चोर वाले बयान पर बात करते हुए अमित शाह ने कहा कि भावनाओं में एक गलती होती है बार-बार नहीं होती। जबकि सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा कुछ कहा ही नहीं। राफेल संबंधित सवाल का जवाब देते हुए अमित शाह ने कहा कि राफेल पर रिव्यू पिटीशन दायर हुई है। रिव्यू करने का निर्णय सुप्रीम कोर्ट ने नहीं किया है। अभी तो रिव्यू पर दलीलें होना बाकी है। राहुल गांधी को उनके बुजुर्गों ने समझाना चाहिए।  


योगी के अली और बजरंग बलि संबंधित बयान से संबंधित सवाल का जवाब देते हुए अमित शाह ने कहा कि कभी कभार मुंह से निकल जाती है इसे पार्टी से नहीं जोड़ना चाहिए। राहुल गांधी के वायनाड से चुनाव लड़ने संबंधित सवाल का जवाब देते हुए अमित शाह ने कहा, ' वो हिंदू अल्पसंख्यक सीट है.. हमने जनता के सामने सच्चाई रखी है। फैक्ट है तो... इसे क्यों छिपाना चाहिए।'



फ्रांस के अखबार ने एक बार फिर रिलायंस को फिर से टैक्स में छूट देने का सवाल उठाया है, इस सवाल का जवाब देते हुए अमित शाह ने कहा, 'फ्रांस की सरकार ने इसका जवाब भी दे दिया है। ये 2008 का मामला है जब यूपीए की सरकार थी। इसका परिणाम हमारे शासन में आया। इसका और राफेल डील का कोई संबंध है। आरोप लगाने का कोई औचित्य नहीं है। देश की जनता किसी पर आरोप लगाने से मान नहीं लेती। कांग्रेस के पास जितनी भी जानकारी है तो वो सुप्रीम कोर्ट क्यों नहीं जाते।'


 

 


रामजन्मभूमि, समान आचार संहिता, धारा 370 से संबंधित सवाल का जवाब देते हुए अमित शाह ने कहा, 'राम मंदिर का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। मुझे पूरी आशा है कि इस मुद्दे का समाधान रामजन्मभूमि के पक्ष में आएगा। हमने अपने घोषणा पत्र में भी कहा है कि हमका समाधान निकालने के सारे उपाय तलाश करेंगे। राज्यसभा के अंदर हमारा बहुमत नहीं था। तीन तलाक को चलने नहीं दिया, कॉमन सिविल कोड हो या धारा 370 हो या 35 ए हो, धारा 370 को अस्थायी माना है.. अपोजिशन तय करे हम तो तय करके बैठे हैं कि हम इसे हटाएगें। विपक्ष को इन मुद्दों पर अपना रूख स्पष्ट करना चाहिए। हमने अपना रूख स्पष्ट कर दिया है।'


 


कांग्रेस पार्टी के घोषणा पत्र का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि उनका घोषणा पत्र टुकड़े-टुकड़े गैंग ने तैयार किया है। जो जेएनयू में नारे लगाते थे कि भारत तेरे टुकड़े होंगे.. मुझे लगता है उन्हीं ने ये तैयार किया है। सीमाओं पर जब इतनी संवेदनशीलता हो तो उस समय अफ्सपा का कवच क्यों हटाना चाहिए। चुनाव घोषणा में अफ्सपा को हटाने का जिक्र करते हैं तो इसे जनता के बीच ले जाईए.. क्यों नहीं बोलते जनता के सामने.. देश के खिलाफ जो षडयंत्र करते हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होने चाहिए।


(साभार टाइम्स नाउ)