आजम खान और मेनका गांधी पर चला चुनाव आयोग का चाबुक, प्रचार करने पर लगा बैन

चुनाव आयोग ने सख्ती दिखाते हुए नेताओं की बयानबाजी पर कार्रवाई करना शुरू कर दिया है। आयोग ने अब मेनका गांधी और आजम खान के चुनाव प्रचार करने पर क्रमश: 48 औक 72 घंटे की रोक लगा दी है।


नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने आजम खान और मेनका गांधी के बयानों पर सख्ती दिखाते हुए कार्रवाई की है। आयोग ने मेनका गांधी के चुनाव प्रचार पर 48 तथा आजम खान पर 72 घंटे तक रोक लगा दी है। यह पहला मौका है जब किसी केन्द्रीय मंत्री को प्रचार अभियान में हिस्सा लेने पर देशव्यापी रोक लगायी गयी है। यह आदेश दोनों नेताओं पर मंगलवार सुबह दस बजे से अगले 72 घंटे तक लागू होगा।


मेनका गांधी उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर संसदीय क्षेत्र से भाजपा और आजम खान रामपुर संसदीय क्षेत्र से समाजवादी पार्टी (सपा) के उम्मीदवार हैं। आयोग ने मेनका गांधी को 11 अप्रैल को सुल्तानपुर में एक नुक्कड़ सभा में एक संप्रदाय विशेष के बारे में की गयी विवादित टिप्पणी से आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत पर कार्रवाई करते हुये उक्त अवधि में प्रचार करने से रोका है। 


सुल्तानपुर में मेनका गांधी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था, 'अगर मुस्लिम समाज के बिना मेरी जीत होगी तो उन्हें अच्छा नहीं लगेगा। मैं मुसलमानों के बिना भी जीतूगींऔर मुसलमानों के साथ भी। आप खुद बताएं कि जब कोई मुसलमान साथ नहीं देता है और वो किसी काम के लिए आता है तो उन्हें भी अच्छा नहीं लगता है।'