मसूद अजहर ही नहीं पाकिस्तान के समूचे आतंकवाद के खिलाफ भारत ने खोला मोर्चा

मसूद अजहर ही नहीं पाकिस्तान के समूचे आतंकवाद के खिलाफ भारत ने खोला मोर्चा
भारत ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान के समूचे आतंकवाद के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उच्चपदस्थ सूत्र बताते हैं कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की मांग है कि पाकिस्तान की जमीन से किसी भी देश के खिलाफ चलने वाली आतंकी गतिविधियों पर रोक लगने की दिशा में ठोस कार्रवाई होनी चाहिए।


सूत्र का कहना है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अकेले अपनी लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है और यदि सीमा पार से आतंकी हमला हुआ तो भारत के सभी विकल्प हैं। भारत फिर सीमापार की कार्रवाई को अंजाम दे सकता है।


मसूद अजहर के संपर्क में है पाकिस्तान सरकार उच्चपदस्थ सूत्र बताते हैं कि पुलवामा में सीआरपीएफ के आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान ने एक के बाद एक कई झूठ बोला। पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने टीवी इंटरव्यू में बताया कि मौलाना मसूद अजहर पाकिस्तान में है, वह बीमार है और बिस्तर से उठ बैठ नहीं सकता। केंद्र सरकार के सूत्रों का कहना है कि इससे साफ है कि मसूद अजहर पाकिस्तान में है। उसे पाकिस्तान की सरकार का संरक्षण प्राप्त है और लगातार मसूद अजहर के संपर्क में पाकिस्तान सरकार के लोग हैं। 


इतना ही नहीं पाकिस्तान के ताजा कदम से यह भी साफ हो गया कि मसूद अजहर कोई धार्मिक मौलवी, मदरसा चलाने वाला, सामाजिक काम करने वाला व्यक्ति नहीं है, बल्कि वह दहशतगर्दी को अंजाम देने में लिप्त हैं। भारत का कहना है कि उसके पास पर्याप्त सबूत हैं कि पाकिस्तान की सरजमीं से भारत विरोधी आतंकवाद की गतिविधियां चलती हैं। भारत ने इन सबूतों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साझा करना शुरू किया है और नई दिल्ली की मांग है कि पाकिस्तान पर उसकी धरती से चलने वाले समूचे आतंकवाद पर ठोस कार्रवाई के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय सामने आए।
भारत का रूख साफ है। पाकिस्तान से तबतक कोई बात नहीं होगी, जबतक कि आतंकवाद पर नकेल कसने के लिए वह ठोस कदम नहीं उठाता। सूत्र बताते हैं कि हम पाकिस्तान द्वारा आज पकड़ा, मसूद अजहर के खिलाफ कार्रवाई बताया और कल छोड़ा जैसे शब्दों के झांसे में नहीं आने वाले हैं। नई दिल्ली आतंकवाद के मुद्दे पर भी पाकिस्तान से बातचीत की पक्षधर नहीं है।


आखिर कैसी और कौन सी बात? क्यों? सूत्र का कहना है कि बातचीत के लिए साफ है कि पहले आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई हो। बातचीत का वातावरण बने। सीमा पर संघर्ष विराम का उल्लंघन बंद हो। पाकिस्तान जिम्मेदार देश की तरह बर्ताव करे। ऐसा होने पर ही पाकिस्तान के साथ संबंध और वार्ता पर विचार संभव है।


दुनिया में रोया पाक लेकिन नहीं उठा भारतीय एयर स्ट्राइक पर सवाल


बताते हैं हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद द्वारा लेने पर चीन ने भी उसका सहयोग करने में संकोच दिखाया है। टॉप स्तर के अधिकारी का कहना है कि आपरेशन बालाकोट-2019 को लेकर जमकर भ्रम फैलाने के बाद भी न तो किसी देश ने पाकिस्तान का साथ दिया और न ही भारत की एयर स्ट्राइक पर सवाल उठाया। प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री और अधिकारियों ने दुनियाभर के तमाम नेताओं से बात की और सभी ने भारतीय पक्ष का साथ दिया। 


नई दिल्ली का कहना है कि हमारी यह कार्रवाई केवल पाकिस्तान की जमीन से संचालित होने वाले आतंकवाद के खिलाफ थी। भारतीय सुरक्षा बलों ने न तो पाकिस्तान की सेना को और नहीं सैन्य ठिकाने या फिर आम नागरिक को निशाना बनाया, जबकि पाकिस्तान ने भारतीय सैन्य ठिकाने को निशाना बनाने की कोशिश की। इसकी जवाबी कार्रवाई में भारत ने उसके दो लड़ाकू जहाज मार गिराए। पाकिस्तान न तो इसे मान रहा है, न ही इनकी तस्वीर जारी कर रहा है और न ही अपने दोनों फाइटर पायलटों के बारे में जानकारी दे रहा है।


पाकिस्तान को बताना पड़ेगा

भारत ने साफ किया है कि जो एमरॉन मिसाइल के अंश उसकी सीमा में आ गिरे हैं, इसके बारे में पाकिस्तान को बताना पड़ेगा। इस मिसाइल के टुकड़े पर सीरियल नंबर, बैच नंबर सब अंकित है। इससे अपने आप पता चल जाएगा कि यह कहां की, कब बनी मिसाइल है और किसने खरीदा है।


सूत्र का कहना है कि इसके ताइवानी मिसाइल होने का पाक का दावा भी झूठा निकला। ताइवान ने खुद ही अधिकारिक रूप से मना कर दिया है। भारत का कहना है कि अमेरिका के एफ-16 फाइटरजेट से ही यह मिसाइल दागना संभव है। इसलिए अमेरिकी प्राधिकरण खुद इसकी जानकारी ले।


झूठ न फैलाएं और नया पाकिस्तान, नई सोच है तो नया एक्शन लें

नई दिल्ली का एजेंडा साफ है। वहां के प्रधानमंत्री इमरान खान कहते हैं कि नया पाकिस्तान है। नई सोच है तो वह नया विश्वसनीय एक्शन लें। आतंकवाद के खिलाफ ठोस कदम उठाएं। भारत ने पाकिस्तान को एक बार फिर झूठ फैलाने के लिए आगाह किया। पाकिस्तान से अपनी विश्वसनीयता पर ध्यान देने की हिदायत दी।
सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान का कोई ड्रोन पोखरण में गिराया जा रहा है। उसे समझना चाहिए। उल्टे वह भारतीय पनडुब्बी के गश्त करने का हवाला दे रहा है। जबकि यह झूठ है। इस झूठ के लिए पाकिस्तान नवंबर 2016 की तस्वीर को जारी कर रहा है।