कांग्रेस ने जारी की यूपी और गुजरात के लिए उम्मीदवारों की पहली लिस्ट

  कांग्रेस ने जारी की उम्मीदवारों की पहली लिस्ट,लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने पहली लिस्ट जारी कर दी है। ये लिस्ट यूपी और गुजरात के लिए है।


 


नई दिल्ली: आगामी लोकसभा चुनाव 2019  के लिए कांग्रेस ने पहली लिस्ट जारी कर दी है। सोनिया गांधी और राहुल गांधी चुनाव उत्तर प्रदेश के इस संसदीय क्षेत्र से किस्मत आजमाएंगे। कांग्रेस की पहली लिस्ट में कुल 15 उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं ।  पहली सूची में उत्तर प्रदेश से 11 नामों का ऐलान किया गया है और इसके साथ ही गुजरात से चार उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया गया है।


कांग्रेस की पहली सूची पर नजर डालें तो उत्तर प्रदेश में बड़े नामों पर भरोसा किया गया है। ये वो नाम हैं जिनका प्रदेश के अलग अलग हिस्सों में जनाधार है। कांग्रेस ने पहली सूची में प्रदेश के सभी हिस्सों चाहे वो पश्चिमी हिस्सा हो , पूर्वी हिस्सा हो , मध्य हिस्सा हो या बुंदेलखंड हो हर इलाकों में ये संदेश देने की कोशिश की है वो आगामी लोकसभा चुनाव को कितनी गंभीरता से ले रहे हैं। इसके साथ ही एसपी-बीएसपी गठबंधन को संकेत देने की कोशिश की है कि वो गठबंधन के लिए अपनी तरफ से कदम उठाने नहीं जा रहे हैं।


 


पहली सूची में उत्तर प्रदेश से इन नामों का ऐलान



  1. रायबरेली से सोनिया गांधी

  2. अमेठी से राहुल गांधी

  3. सहारनपुर से इमरान मसूद,

  4. बदायूं से सलीम इकबाल शेरवानी,

  5. धौरहरा से जितिन प्रसाद,

  6. उन्नाव से श्रीमती अनु टंडन,

  7. फर्रुखाबाद से सलमान खुर्शीद,

  8. अकबरपुर से राजाराम पाल,

  9. जालौन(एससी) बृज लाल खबरी,

  10. फैजाबाद से निर्मल खत्री

  11. कुशीनगर से आरपीएन सिंह 


कांग्रेस की पहली सूची में गुजरात से इन नामों का ऐलान



  1. अहमदाबाद वेस्ट (एससी) से राजू परमार

  2. आनंद से भरतसिंह एम सोलंकी

  3. वडो़दरा से प्रशांत पटेल

  4. छोटा उदयपुर(एसटी) से रंजीत मोहनसिंह रठावा


जानकार बताते हैं कि चुनावी लड़ाई में उम्मीदवारों के नाम के ऐलान से विरोधी दलों पर मनोवैज्ञानिक असर पड़ता है। लेकिन विरोधी खेमे को कुछ फायदा भी होता है कि वो अपने प्रत्याशियों के चयन में बदलाव कर सकती है। अगर उत्तर प्रदेश की बात करें तो जिन 11 नामों का ऐलान हुआ उनमें से सोनिया गांधी और राहुल गांधी को छोड़कर सभी उम्मीदवार पिछले आम चुनाव 2014 में हार गए थे। कांग्रेस अपनी परंपरागत सीट रायबरेली और अमेठी को बचाने में कामयाब रही। इसमें अमेठी से राहुल गांधी की जीत के अंतर में कमी आ गई थी।