153 सांसदों की संपत्ति 5 साल में 142% बढ़ी, शत्रुघ्न सिन्हा सबसे आगे

  • उम्मीदवारों के 2009 और 2014 के हलफनामे के आधार पर एडीआर ने रिपोर्ट जारी की

  • भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा की संपत्ति 2009 में 15 करोड़ थी, 2014 में यह 131 करोड़ रुपए हो गई

  • राकांपा की सुप्रिया सुले की संपत्ति 2009 में 51 करोड़ थी, 2015 में यह बढ़कर 113 करोड़ रुपए हो गई



नई दिल्ली. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने 2014 में दोबारा चुने गए 153 सांसदों के हलफनामे के आधार पर उनकी संपत्ति का विश्लेषण किया है। 2009 के मुकाबले 2014 में इन सांसदों की संपत्ति में औसत 142% का इजाफा हुआ। रिपोर्ट में 2009 और 2014 में चुने गए सांसदों के अलावा 2018 के उपचुनाव में जीतने वाले सांसदों की संपत्ति का भी विश्लेषण किया गया। पटना साहिब से भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा की संपत्ति में 5 साल में सबसे ज्यादा 778% का इजाफा हुआ है। 



रिपोर्ट के मुताबिक, 2009 में विभिन्न पार्टियों के 153 सांसदों की औसत संपत्ति 5.50 करोड़ रुपए थी। यह 2014 में 13.32 करोड़ रुपए हो गई। यानी 2009 से 2014 के बीच सांसदों की संपत्ति में हुई औसत बढ़त 7.81 करोड़ रुपए है। 5 साल में इन सांसदों की संपत्ति में औसत 141% का इजाफा हुआ है।


सिन्हा की संपत्ति 5 साल में करीब 9 गुना बढ़ी









































सांसद2009 में संपत्ति (करोड़ रु.)2014 में संपत्ति (करोड़ रु.)इजाफा
शत्रुघ्न सिन्हा (भाजपा)15131778%
पिनाकी मिश्रा (बीजद)29137362%
सुप्रिया सुले (राकांपा)51113121%
चंद्रकांत पाटिल (भाजपा)2474208%
उदयन राजे भोसले (राकांपा)1160417%

सबसे ज्यादा बीजद सांसदों की संपत्ति में 298 फीसदी इजाफा















































पार्टीचुने गए सांसद2009 में औसत संपत्ति (करोड़ रु.)2014 में औसत संपत्ति (करोड़ रु.)औसत इजाफा
भाजपा72512140%
कांग्रेस28512109%
तृणमूल1293 लाख रु.3221%
बीजद7523298%
शिवसेना758147%

इनकी संपत्ति घट गई








































सांसदपार्टी2009 में औसत संपत्ति2014 में औसत संपत्तिसंपत्ति कितनी घटी
पी करुणाकरनमाकपा1 करोड़ रु.59 लाख रु.- 67%
जगदंबिका पाल*4 करोड़ रु.1 करोड़ रु.- 64%
अर्जुन चरण सेठीबीजद1 करोड़ रु.67 लाख रु.- 39
ओम प्रकाश यादव*30 लाख रु.22 लाख रु.- 27%

* जगदंबिका पाल 2009 में कांग्रेस और 2014 में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे। ओम प्रकाश यादव 2009 में निर्दलीय और 2014 में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे।